To,
माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय,
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, नई दिल्ली
एवं
माननीय पंजीयक महोदय,
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, नई दिल्ली
विषय: न्यायाधिकरण (DRT) द्वारा हमारी वैध याचिका SA-351/2024 को ग़लत व्याख्या के आधार पर खारिज किए जाने के विरोध में – न्याय हेतु निवेदन।
आदरणीय महोदय जी ,
सादर प्रणाम।
मैं, सुनील चौधरी, MSME निर्यातक एवं प्रोप्राइटर – Impressive Art Interior, उदयपुर, राजस्थान, इस पत्र के माध्यम से एक गंभीर अन्याय की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ।
हमारी वैध याचिका SA-351/2024 को DRT, जयपुर द्वारा दिनांक 08.05.2025 को केवल इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा कोई “पूर्व-भुगतान” या “अंडरटेकिंग” का निर्देश दिया गया था — जबकि वास्तविकता यह है कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में ऐसा कोई निर्देश, शर्त या दायित्व कहीं भी उल्लेखित नहीं है।
DRT ने हाई कोर्ट के “infructuous withdrawal order” की गलत व्याख्या करते हुए यह निर्णय सुनाया, जबकि
- उच्च न्यायालय का आदेश केवल याचिका को “निरर्थक” मानते हुए वापस लेने की अनुमति देता है
- कहीं भी कोई पूर्व-भुगतान (pre-deposit) या अनुशासनात्मक निर्देश (undertaking) नहीं दिया गया था
- फिर भी बैंक के वकील की झूठी प्रस्तुति पर आधारित होकर DRT ने हमारी याचिका को खारिज कर दिया
साक्ष्य सहित तथ्यों के साथ याचिका के अंतिम पृष्ठों में
- माननीय उच्च न्यायालय का Withdrawal Order
- तथा DRT Jaipur का Dismissal Order
संलग्न हैं।
यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित विधिक साजिश जैसा प्रतीत होता है, जिसके द्वारा न्याय प्रणाली का दुरुपयोग कर MSME निर्यात व्यवसाय को नष्ट करने का प्रयास किया गया है।
इस याचिका के माध्यम से मेरी आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि:
- इस विषय को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुव्यवस्थित न्यायिक संज्ञान में लिया जाए
- DRT द्वारा दिए गए गलत निर्णय की विधिक समीक्षा हो
- MSME जैसे ईमानदार निर्यातकों को न्याय दिलाने हेतु उचित निर्देश जारी किए जाएं
मैं न्यायपालिका की गरिमा, निष्पक्षता एवं संवैधानिक मूल्य प्रणाली में पूर्ण विश्वास रखता हूँ और आपसे न्याय की अपेक्षा करता हूँ।
सादर,
(सुनील चौधरी)
प्रोप्राइटर – Impressive Art Interior
MSME निर्यातक
19, अलकापुरी, उदयपुर – 313001
📞 मोबाइल: +91-9352814068
📧 ईमेल: mail.impartinter@gmail.com