⚖️ ICICI बैंक की सुनियोजित धोखाधड़ी और अवैध वसूली तकनीक का पर्दाफाश

📢 यह मामला केवल एक ऋण विवाद नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश और वित्तीय अपराध की मिसाल है।


🔍 धोखाधड़ी के तथ्य:

1️⃣ वैध ऋण अनुबंध (Loan Agreement) कभी किया ही नहीं गया

  • ICICI बैंक ने कभी भी ₹2.50 करोड़ के ऋण के लिए पंजीकृत समझौता (Registered Agreement) नहीं किया।
  • केवल खाली कागज़ों पर हस्ताक्षर करवाए गए — जोकि कानूनन अवैध है।

2️⃣ कोई मॉर्गेज रजिस्ट्री नहीं — फिर भी ज़ब्त की कोशिश

  • किसी भी रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति गिरवी (Mortgage) नहीं की गई, फिर भी बैंक ने संपत्ति कब्ज़े का प्रयास किया।
  • SARFAESI कानून के अंतर्गत बिना पंजीकरण कोई कार्रवाई मान्य नहीं है।

3️⃣ स्वीकृत ऋण राशि ₹2.50 करोड़ कभी वितरित (Disbursed) ही नहीं हुई

  • न तो MSME व्यवसाय खाते में और न ही किसी अन्य वैध खाते में यह राशि पहुंची।
  • बैंक ने केवल धोखाधड़ीपूर्वक लेन-देन दिखाकर जालसाजी की।

4️⃣ उधारकर्ता के ऋण खाते से अनधिकृत रूप से पैसे निकाले गए और दूसरे बैंक (UUCB) को दे दिए गए

  • बिना कोई वैध समझौता, बिना अनुमति — यह सीधे IPC की आपराधिक धाराओं में आता है।

5️⃣ संपार्श्विक संपत्ति के दस्तावेज़ जबरन ले लिए गए, बिना किसी अनुमति या सहमति के

  • यह संपत्ति पारिवारिक संयुक्त संपत्ति है और MSME व्यवसाय से जुड़ी है।

🧓🏻 82 वर्षीय माँ को मानसिक प्रताड़ना और धमकियाँ:

6️⃣ अब जब वैध ऋण का कोई वितरण नहीं हुआ, कोई वैध अनुबंध नहीं है,
तो भी ICICI बैंक और इसके सहयोगी एक फर्जी OTS (One Time Settlement) योजना बनाकर
मेरी 82 वर्षीय माँ पर दबाव डाल रहे हैं कि वह ₹2.50 करोड़ चुकाने की बात मान लें!

7️⃣ यह दबाव वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहाँ

  • ICICI बैंक,
  • दोनों छोटे भाई,
  • एक वकील और एक न्यायिक अधिकारी,
    मिलकर माँ को यह कह रहे हैं कि यदि उन्होंने OTS चेक नहीं दिया तो घर की नीलामी कर दी जाएगी।

8️⃣ मेरी माँ कई बार कह चुकी हैं —

“मेरे पास पैसे नहीं हैं… मैं ऐसे झूठे चेक नहीं देना चाहती… ये जबरदस्ती कर रहे हैं…”
लेकिन फिर भी उनसे ₹10 लाख का OTS चेक जबरदस्ती लिया गया।


🧨 यह सब क्या है?

✅ यह कोई कानूनी ऋण प्रक्रिया नहीं — यह एक पूर्व-नियोजित साजिश है।
✅ कानून का मुखौटा पहनकर किया गया यह कार्य, पूरी तरह फर्जी, अन्यायपूर्ण और अपराध की श्रेणी में आता है।
✅ इसमें शामिल हैं:

  • ICICI बैंक के अधिकारी,
  • एक जालसाज़ सीए फर्म,
  • फर्जी वकील,
  • और मेरे अपने ही छोटे भाई, मामा और मामा का मित्र CA — सभी ने मिलकर यह साजिश रची है।

📢 जनता और न्यायप्रिय लोगों से अनुरोध:

🚨 इस मुद्दे को साझा करें
🚨 सच का साथ दें
🚨 भारत के MSME व्यवसायों, बुज़ुर्गों और महिला अधिकारों की रक्षा करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top